दर्दया ✍महेंद्र राहांगडाले, मच्छेरा

Total Views : 271
Zoom In Zoom Out Read Later Print

दर्दया ✍महेंद्र राहांगडाले, मच्छेरा

दर्दया


लोटा त लोटा,
पानी पिवन को लोटा...
नवरदेव बांध से बिया मा गुलाबी फेटा!
सिवर त सिवर, 
बईल जुपन को सिवर...
नवरी ला आनं से भोवजाई को देवर!
पाठरू त पाठरू,
कारो सेरी को पाठरू...
रोय-रोय क्यान मांग से दूध, तान्हो लेकरू!
सिंगार त सिंगार,
बिया मा नवरी को सिंगार...
नवरा टूरा की नजर जासे वोको कन बरंबार!
बासिंग त बासिंग,
नवरा टूरा को बासिंग...
उपादी बईल मारं से मंग लकं सिंग!
धान मा धान,
काटावलो दुबराज को धान...
करास को चक्कर मा बिसऱ्या आमी देसी वान!

✍महेंद्र राहांगडाले, मच्छेरा

See More

Latest Photos

Share via Whatsapp